GST Reform 2025: मोदी सरकार का दिवाली गिफ्ट
भारत सरकार ने हाल ही में GST (वस्तु एवं सेवा कर) में बड़ा सुधार किया है। यह सुधार न सिर्फ आम जनता को राहत देने के लिए है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देशवासियों के लिए एक दिवाली गिफ्ट करार दिया है। इस सुधार में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है, मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है और कई वस्तुओं व सेवाओं पर टैक्स कम या शून्य कर दिया गया है।
साथ ही, यह कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ़्स पर एक मजबूत जवाब भी माना जा रहा है। हालांकि, स्टॉक मार्केट में तत्काल कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला, लेकिन दीर्घकाल में इसका सकारात्मक असर अपेक्षित है।
चलिए विस्तार से समझते हैं — क्या सस्ता हुआ? क्या महंगा? और भारत पर इसका क्या प्रभाव होगा?
- GST सुधार 2025 में मुख्य बदलाव
- पुराने चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर दो मुख्य स्लैब – 5% और 18% कर दिए गए हैं।
- सिन और लक्ज़री गुड्स पर विशेष 40% टैक्स लागू रहेगा।
- कुल मिलाकर 170 से अधिक वस्तुएं और सेवाएं अब कम टैक्स दर में शामिल हैं।
- क्या सस्ता हुआ?
आवश्यक वस्तुएँ (बेसिक नीड्स)
- दूध, पनीर, रोटी, घी, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स, चॉकलेट, कॉफी जैसी दैनिक उपभोग की चीजें अब 0% या 5% GST में।
इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन
- टीवी, एयर कंडीशनर, डिशवॉशर जैसे उपकरण 28% से घटकर 18% GST में।
- छोटी कारें और बाइक (350 cc तक) 18% स्लैब में।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पर GST 5% ही रहेगा।
स्वास्थ्य और बीमा
- स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसी पर GST शून्य।
- जीवनरक्षक दवाइयाँ अब पूरी तरह टैक्स-मुक्त।
कृषि और शिक्षा
- कृषि उपकरण, ड्रिप इरिगेशन और ट्रैक्टर्स पर 5% टैक्स।
- स्कूल सप्लाइज जैसे नोटबुक, पेंसिल आदि पर GST 0%।
- क्या महंगा रहेगा?
- सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला, कार्बोनेटेड ड्रिंक, अल्कोहल जैसे सिन गुड्स पर 40% टैक्स।
- लक्ज़री वाहन, प्राइवेट जेट, प्रीमियम यॉट पर भी 40% स्लैब जारी रहेगा।
- भारत की अर्थव्यवस्था पर असर
सकारात्मक प्रभाव
- घरेलू खपत बढ़ेगी: मध्यम वर्ग को टैक्स राहत मिलने से त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ेगी।
- MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन: उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार सृजन होगा।
- ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस: टैक्स स्लैब घटने से कंप्लायंस आसान होगा।
संभावित चुनौतियाँ
- सरकार को लगभग ₹48,000 करोड़ का टैक्स राजस्व नुकसान हो सकता है।
- राज्यों को शुरू में मुआवज़ा देना पड़ेगा, लेकिन लंबे समय में टैक्स बेस बढ़ने से राजस्व संतुलित होगा।
- निवेशकों और स्टॉक मार्केट पर प्रभाव
- अल्पकालिक: स्टॉक मार्केट में बड़ी हलचल नहीं, लेकिन FMCG, ऑटोमोबाइल और इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में बढ़त की संभावना।
- दीर्घकालिक: घरेलू मांग और उद्योगों की लाभप्रदता बढ़ने से इंडियन इकॉनमी मजबूत होगी।
- यह बदलाव कब से लागू होगा?
22 सितंबर 2025 से नए GST दरें लागू होंगी। यह नवरात्रि का प्रथम दिन होगा, जिसे आर्थिक सुधार की शुभ शुरुआत माना जा रहा है।
निष्कर्ष
GST सुधार 2025 न केवल टैक्स ढांचे को सरल बनाता है, बल्कि भारत की आर्थिक विकास यात्रा को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम भी है। मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी और उद्योग सभी को इससे लाभ होगा। यह सही मायनों में मोदी सरकार का दिवाली गिफ्ट है।